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हिंदी में भाषण कैसे लिखें और बोलें How to write hindi speech 2019

पत्र लेखन में आप सभी तरह के पत्र व्यवहार के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। इसके अलावा आप हिंदी कहानी, निबन्ध अंग्रेजी, गद्य और पद्य का का हिंदी अनुवाद, व्याकरण के साथ-साथ अंग्रेजी ग्रामर भी सीख सकते है।


विषय का परिचय मज़बूती से करें:

दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए हमेशा बड़े तथ्यों से शुरु करें। याद है वह बात, दर्शकों को क्या बाँधे रखता है? अब इन बातों का समय आ गया है। अपने भाषण में घुस जाएं, व्यक्तिगत बनें और अपने मानवीय पक्ष दिखाएं।

 महत्वपूर्ण कथन या दूसरों के शब्दों के साथ शुरुआत करने से आपकी विश्वसनीयता को स्थापित कर देता है। मेर्रियम वेबस्टर का उपयोग विशेषज्ञ बनने के लिए न करें; हर कीमत पर घिसी-पिटी पदों का प्रयोग न करें।

व्यक्तियों के लिए सम्मिलित शब्दों का प्रयोग करें:

हमेशा "अपना" शब्द का प्रयोग करें-- अपना दल, अपना शहर/ राज्य/ देश, अपना स्कूल या विद्यालय, अपनी कक्षा के साल, अपना काम, लोग, और उत्पाद/उम्मीदवार आदि I आपके दर्शक अधिक शामिल होंगे और अपनापन महसूस करेंगे। अगर "हम" उस तरह महसूस करेंगे, तो दर्शकों में भी यही महसूस करने का दबाव होगा।

नेल्सन मंडेला ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा, "आज हम किसी पार्टी की जीत का जश्न मना नहीं रहे हैं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका के सभी लोगों की जीत का जश्न मना रहे हैं।"वह एक ऐसे व्यक्ति थे जिनके भाषण की कुशलता पर सवाल नहीं किया जा सकता।

 भाषण के मुख्य भाग का निर्माण करें:

इस भाग में मुख्य विषयों और उनके समर्थन में जानकारी होनी चाहिए। जो सूची आपने पहले बनाई थी? उन्हें अब तीन विषयों तक सीमित रखें। इनमें से कौन से विषय पक्के तौर पर विश्वसनीय है?

सबसे प्रबल विषयों से शुरु करें। आप चाहेंगे की आपके विवादों में कोई भी दोष न हो। आप उन्हें अपने पक्ष में करें, इससे पहले की उन्हें आपकी आलोचना करने का मौका मिल जाये।

सबसे कमजोर विषय को बीच में रखें। आप इसको सैंडविच कर रहे हैं क्योंकि आप चाहते है कि दर्शक इसे भूल जाएं।

अपने दूसरे प्रबल विषय के साथ समाप्ति करें। आप इसे संतोषजनक रूप से समाप्त करें I एक बार फिर से पूरे मुद्दे को दोहराएं, आखिरी सबूत के साथ विवाद समाप्त करें।

 एक मुद्दे से दूसरे मुद्दे उठाते समय सावधान रहें:

एक मुद्दे से दूसरे मुद्दे उठाते समय स्पष्टता और समझदारी बरकरार रखें। स्पीकर और लेखक की सबसे बड़ी गलती यह है की वह समझ लेते है लोग उनके तर्कों की अचानक वृध्दि का पालन करेंगे -- जगह, समय या विचारों का परिवर्तन I जब अपने विचारों को बदल रहे हों तो दर्शकों को इन पद बंध का प्रयोग कीजिए: “उदाहरण के तौर पर, हम देख सकते है..." या "हम दुबारा से उसी बड़ी समस्या के..." इत्यादि।

एक मुद्दे से दूसरे मुद्दे उठाना केवल मुख्य भाग के बीच में ही नहीं होना चाहिए, बल्कि शुरुआत के बाद और निष्कर्ष के दौरान भी होना चाहिए। आपका भाषण एक तर्कसंगत रचना है, न कि स्वतंत्र विषयों की एक श्रृंखला। अपने दर्शकों को एक मुद्दे से दूसरे मुद्दे का बदलाव स्पष्टता से दर्शाएं।

 दृढ़ निष्कर्ष के साथ समाप्त करें:

एक शक्तिशाली दृढ़ निष्कर्ष और सारांश के साथ समाप्त करें। उन्हें आप एक प्रश्न या तात्पर्य के साथ छोड़ दे; कुछ अस्पष्ट वस्तु के साथ छोड़ दे – आपके विचार में वह कुछ क्या होना चाहिए?

प्रमुख विचारों को दोहराएं। दर्शकों को याद करवाएं और प्रचलित मत पर आने दे I सुनिश्चित कर लें कि जब वह जाए तो आपके विचारो को भूल ना दें I

आपसे लिखी भाषण से दर्शकों को पूरा होने का एहसास दें। उन्हें शुरुआत से फिर से ज़ोर से परिचित करवाएं - आखिरकार, अब उनके पास जोश से भरपूर आवश्यक ज्ञान है। आप इसे अंतिम अनुच्छेद के शुरुआत में एक प्रबल और, ज्ञापक वाक्य के साथ कर सकते हैं।

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