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एक प्रभावी भाषण कैसे देना चाहिए

पत्र लेखन में आप सभी तरह के पत्र व्यवहार के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। इसके अलावा आप हिंदी कहानी, निबन्ध अंग्रेजी, गद्य और पद्य का का हिंदी अनुवाद, व्याकरण के साथ-साथ अंग्रेजी ग्रामर भी सीख सकते है।
 शब्दों को समझ कर चुनें:

अगर आप 8वी कक्षा के बच्चों को भाषण दे रहे हो तो, अच्छा होगा कि आप गोपनीय न बनें – अर्थात ऐसे शब्दों का प्रयोग करें जिन्हें समझा और सराहा जा सके I अपने भाषण दर्शकों के हित में लिखें -- वह क्या सुनना चाहते है?

इसके अलावा, वह क्या जानते हैं? ऐसे विषयों में समय व्यर्थ न करें जिन्हें वह पहले से जानते हैं; या इससे भी बदतर, कलपना करें कि वह मूल बातें पहले से जानते हैं और उन्हें बुरी तरह से चकरा दें। भाषण लिखते समय अपने आप को उनकी जगह पर रखकर देखें – उनको क्या बुनियादी जानकारी जानना है ताकी आप अपने विचारों की रस को प्रस्तुत कर सकें?

 उनकी ध्यान को आकर्षित करें:

उनके साथ "हाथ मिलाए", औपचारिक ही सही। अपने भाषण को व्यक्तिगत करें ताकी आपके दर्शक आपके साथ बाँधे रहें। अपने विषय पर दर्शकों की सहमती और आपके साथ घनिष्ठ संबंध बनाएं।

पूर्व राजदूत रॉबर्ट स्ट्रॉस अपने भाषण कुछ इस तरह शुरू करते थे: “इससे पहले में अपना भाषण शुरू करूँ, मुझे आपसे कुछ कहना है। आपको क्या बांधे रखता है?”
 लिखते वक़्त भी, अपनी वास्तविक मुस्कुराहट बनाएं रखें। यह बात दर्शक भी बता सकेंगे। आप शुरुआत, एक मनोरंजक चुटकुले के साथ करना चाहेंगे या विचारात्मक किस्से से, जो एक स्थिति से जुड़ सके।

 जैसे ही आप लिखते है, यह सोचें की आप अपने मित्र से क्या कहेंगे। आप जितने आरामदायक और खुले होंगे, दर्शक उतने ही आसानी से आपकी और खींचे रहेंगे। आपको चुनना है कि आप अपने विचारें को कैसे व्यक्त करेंगे जैसे आप किसी व्यक्ति के साथ आसानी से अपने विचार व्यतीत कर रहें हो, किसी से अपनी भावनाएं सहजता से प्रकट कर सकें। दिल से दिया गया भाषण सबसे प्रभावशाली होते हैं।

 अपने संदेश पर ध्यान रखें:

कुछ व्यक्ति, मुद्दे से आसानी से हट जाते हैं या कई मुद्दों को एक साथ आक्षेप करते हैं। आपके भाषण में सिर्फ एक ही संदेश होना चाहिए, और आपका ध्यान केवल उसी पर होना चाहिए। विवरण, या इससे भी बुरा, किसी भी असंबंधित विषय पर ध्यान न करें। आपके दर्शक सोच में पड़ जायेंगे की आखिर चल क्या रहा है।

बहकी-बहकी बातों से दर्शक अपना ध्यान खो देते हैं। जब आप एक विषय को संबोधित कर चुके हैं, तो आगे बढ़ने से न डरें। आपका पास और भी कई विषय हैं जिन पर आपको रोशनी डालना पड़ेगा –- हर एक विषय को उपयुक्त समय दें।

 उदाहरण से समझाएं:

अपने लिखित को चित्रात्मक बनायें। आपका लक्ष्य अपने भाषण के मुख्य विषयों को दर्शकों के मन में छा जाए। अगर कोई पूछे या बाद में भाषण की तारीफ़ करें, तो इस तरह सुनाई देगा, “मुझे वह कहानी पसंद आयी जो टॉम ने अपनी बहन को सुनाया“ या “इस साल की कमाई का पाई चार्ट मददगार था"। वह शायद ऐसा नहीं कहेंगे, "आपके भाषण के मुख्य भाग का दूसरा विषय सोचा समझा और तार्किक था"। तो स्पष्टता से सोचें।

 यह स्पष्टता कई तरीके से किया जा सकता है। अगर आप अपने कंपनी के सहकर्मियों के साथ साल के बुरे प्रदर्शन कर रहे हों तो, भूख से मर रहे परिवारों के चित्र से सहकर्मियों को प्रेरित करना उचित बात नहीं है। छवियों का इस्तेमाल उचित रूप से करें। अगर आप अंको की बात कर रहे हैं तो, ग्राफ़ का उपयोग करें। अगर आप भावनाओं की बात कर रहे हैं, तो तस्वीर दर्शाएं। अपने संदर्भ को जाने।

विराम से सोचें:

सबसे अच्छे अभिनेता भी अपने शब्दों के बीच में एक समान (या इससे ज़्यादा) कारगर होते हैं। अपनी भाषा में विराम लिखें, ताकि दर्शक आपकी बात को समझ सके I लोगों का ध्यान अपने आप इसकी तरफ आकर्षित हो जाएगा -- देखना, सीधा होना, अपने सर को एक तरफ ऊपर उठाना और ख़ामोशी का एहसास करना। इसे कहते हैं कमरे पर नियंत्रण रखना।

भाषण सहज होने चाहिए - ना की कागज से पड़ाया गया। और जब आप बात करें, तो थोड़ा विराम दें। यह आपको धीमा नहीं करता और ना ही आपकी कमजोरी प्रकट करता है, इससे पता चलता है की आपने अच्छी तरह से तैयारी की है, और आप एक पुराने समर्थक की तरह बात कर रहे हैं।

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